Considerations To Know About court

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन get more info दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

जीवनरक्षक मां काली : माता काली की पूजा या भक्ति करने वालों को माता सभी तरह से निर्भीक और सुखी बना देती हैं। वे अपने भक्तों को सभी तरह की परेशानियों से बचाती हैं।

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

Uday Navratri, often known as Prakat Navratri, is thoroughly celebrated from north to south and east to west with excellent enthusiasm and zeal. They symbolize Group occasions which has a information of devotion and triumph of fine over evil.

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

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कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।

मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।

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